श्रीदेवी: जब पहली बार अपनी ही आवाज़ में बोलीं ‘चांदनी’

श्रीदेवी, 80 के दशक की सुपरस्टार, अपनी दमदार एक्टिंग और एक्सप्रेसिव आँखों के लिए जानी जाती थीं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि उन्होंने शुरुआती हिंदी फिल्मों में अपनी आवाज़ में डायलॉग नहीं बोले थे?
श्रीदेवी की मातृभाषा तमिल थी, और हिंदी सही तरीके से बोलने में उन्हें मुश्किल होती थी। इसलिए, ‘हिम्मतवाला’ (1983), ‘मवाली’ (1983), ‘तोहफा’ (1984) जैसी सुपरहिट फिल्मों में उनकी आवाज़ किसी और ने डब की।
हालांकि, 1989 में आई ‘चांदनी’ से उन्होंने पहली बार अपनी ही आवाज़ में डायलॉग बोले। इसके बाद ‘लम्हे’, ‘खुदा गवाह’ और ‘जुदाई’ जैसी फिल्मों में भी उन्होंने डबिंग खुद की। उनकी आवाज़ ने उनकी परफॉर्मेंस में और भी गहराई जोड़ दी।
‘Old is Gold Films’ के इस लेख के ज़रिए, हम श्रीदेवी के उस अनसुने सफर को याद कर रहे हैं। क्या आपको उनकी कोई खास फिल्म याद है? हमें कमेंट में बताएं!