जब एक पारसी पत्रकार ने हिंदू समाज की कुरीतियों को खुलकर ललकारा! बेहरामजी मालाबारी की वो लड़ाई जिसने भारत बदल दिया
19वीं सदी का भारत कई सामाजिक बंधनों में जकड़ा हुआ था।बाल विवाह आम बात थी।विधवाओं का जीवन किसी सजा से कम नहीं माना जाता था।औरतों की आवाज़ घर की दीवारों में दबकर रह जाती थी।…










