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जब पहली बार भारत की धरती पर दौड़ी ट्रेन… और बदल गई पूरे देश की तकदीर | OLDISGOLDFILMS

जब पहली बार भारत की धरती पर दौड़ी ट्रेन… और बदल गई पूरे देश की तकदीर | OLDISGOLDFILMS

16 अप्रैल 1853… यह सिर्फ एक तारीख नहीं थी।यह वह दिन था, जब भारत ने पहली बार रफ्तार को अपनी आंखों से देखा।उस दौर में लोगों ने बैलगाड़ियां देखी थीं। घोड़े देखे थे। पालकियां देखी… 

Kabaddi: The Thrilling Journey of India’s Indigenous Sport from Mud Fields to Asian Glory

कबड्डी: मिट्टी से उठकर एशिया तक छा जाने वाली देसी खेल की रोमांचक कहानी

1. जड़ों में बसी एक परंपरा: कबड्डी की शुरुआत कबड्डी सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की मिट्टी से जुड़ी एक जीवंत परंपरा है। इसकी शुरुआत दक्षिण भारत के राज्य तमिलनाडु से मानी जाती… 

ओलंपिक का जादू: प्राचीन अखाड़ों से भारत के स्वर्णिम सपनों तक

ओलंपिक सिर्फ खेलों का महाकुंभ नहीं है—यह इतिहास, संस्कृति, संघर्ष और गौरव की ऐसी कहानी है जो हर चार साल में पूरी दुनिया को एक मंच पर ले आती है। जब भी ओलंपिक की मशाल… 

भारत के मंदिरों की वास्तुकला का अद्भुत सफर: पत्थरों में बसती आस्था और इतिहास

जब पत्थर बोलते हैं भारत में मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं हैं, बल्कि यह हमारी सभ्यता, संस्कृति और कला का जीवंत प्रमाण भी हैं। जब हम किसी प्राचीन मंदिर के सामने खड़े होते हैं,… 

जब भगवान घर-घर पहुंचे: राजा रवि वर्मा की वो खामोश क्रांति जिसने कला को हमेशा के लिए बदल दिया

क्या आपने कभी गौर किया है कि हमारे घरों, मंदिरों और कैलेंडरों में दिखने वाले देवी-देवताओं के चेहरे इतने जीवंत, इतने मानवीय क्यों लगते हैं? यह केवल संयोग नहीं था, बल्कि एक सोच-समझकर किया गया… 

‘सीता’ बनने से पहले ही कर दिया था इनकार… फिर कैसे किस्मत ने दीपिका चिक्खलिया को बना दिया अमर?

क्या आप यकीन करेंगे कि जिस चेहरे को आज करोड़ों लोग ‘माता सीता’ के रूप में पूजते हैं, वह शुरुआत में इस किरदार के लिए तैयार ही नहीं थीं? दीपिका चिक्खलिया ने ऑडिशन देने से… 

जब सुरों की देवी ने खुद को दुनिया से छुपा लिया… अन्नपूर्णा देवी की अनकही, अधूरी और चुभती हुई कहानी

साल 2018 की एक सुबह, मुंबई की हवा में एक अजीब-सी खामोशी थी। यह कोई साधारण दिन नहीं था। यह वह दिन था जब अन्नपूर्णा देवी ने इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह… 

जब एक स्त्री ने ‘परंपरा’ को अदालत में खड़ा कर दिया… पंडिता रमाबाई की वह कहानी, जिसे इतिहास भी पूरी तरह दर्ज नहीं कर पाया

आज जब हम महिला सशक्तिकरण की बातें बड़े मंचों, अभियानों और सोशल मीडिया पर होते देखते हैं, तो यह मान लेना आसान हो जाता है कि यह आंदोलन आधुनिक समय की देन है। लेकिन अगर…