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जब सादगी ने ग्लैमर को दी चुनौती… मौसमी चटर्जी की वो कहानी जो आज भी अधूरी लगती है

70 का दशक हिंदी सिनेमा के लिए बदलाव का दौर था, जहां एक तरफ चमक-दमक, स्टाइल और ग्लैमर तेजी से बढ़ रहा था, वहीं दूसरी तरफ कुछ चेहरे ऐसे भी उभर रहे थे, जो बिना…