बैंक की नौकरी छोड़कर कैसे बने शिवाजी साटम टीवी के सबसे दमदार ‘एसीपी प्रद्युमन’? पीछे की कहानी चौंका देगी
कुछ आवाजें ऐसी होती हैं जो वक्त के साथ धुंधली नहीं पड़तीं, बल्कि और गहरी होती जाती हैं, और “कुछ तो गड़बड़ है दया…” उन्हीं में से एक है, क्योंकि जैसे ही ये शब्द सुनाई…

